Saturday, 22 August 2020

Motivational sayari

 साहिल पे पहुंचने से इनकार किसे है लेकिन,

तूफ़ानो से लड़ने का मज़ा ही कुछ और है,
कहते है, कि किस्मत खुदा लिखता है लेकिन,
उसे मिटा के खुद गढ़ने का मजा ही कुछ और है।

सोचने से कहाँ मिलते हैं तमन्नाओं के शहर,
चलना भी जरुरी है मंजिल को पाने के लिए।

Koshish Bhi Kar Umeed Bhi Rakh Rasta Bhi Chun,
Phir Iske Baad Thoda Sa Muqaddar Talaash Kar.

कोशिश भी कर उमीद भी रख रास्ता भी चुन,
फिर इसके बाद थोड़ा सा मुक़द्दर तलाश कर।

Samundar Mein Utar Lekin Ubharne Ki Bhi Soch
Doobne Se Pahle... Gahrai Ka Andaza Laga.

समुंदर में उतर लेकिन उभरने की भी सोच
डूबने से पहले... गहराई का अंदाज़ा लगा।


साहिल पे पहुंचने से इनकार किसे है लेकिन,

तूफ़ानो से लड़ने का मज़ा ही कुछ और है,
कहते है, कि किस्मत खुदा लिखता है लेकिन,
उसे मिटा के खुद गढ़ने का मजा ही कुछ और है।


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